लखनऊ में बढ़ रही रियल एस्टेट शिकायतें: घर खरीदने से पहले बरतें ये सावधानियां, वरना पड़ सकता है भारी नुकसान



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“सपनों का घर कहीं न बन जाए परेशानी की वजह! प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जान लें ये अहम बातें”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रियल एस्टेट सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में नई टाउनशिप, अपार्टमेंट, प्लॉटिंग परियोजनाएं और कमर्शियल प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं। इसी के साथ कुछ खरीदारों की ओर से परियोजनाओं में देरी, रजिस्ट्री लंबित रहने, वादे के अनुसार सुविधाएं न मिलने, स्वामित्व संबंधी विवाद और भुगतान से जुड़े मामलों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति खरीदते समय केवल आकर्षक विज्ञापनों या कम कीमत के आधार पर फैसला लेना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है।

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, कई खरीदार बिना परियोजना की कानूनी स्थिति, स्वीकृत नक्शे, भूमि स्वामित्व और RERA पंजीकरण की जांच किए ही निवेश कर देते हैं। बाद में कब्जा मिलने में देरी, विकास कार्य अधूरे रहने या दस्तावेजों में विसंगतियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में खरीदारों को कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो सकती है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP-RERA) ने भी खरीदारों को सलाह दी है कि किसी भी परियोजना में निवेश से पहले छह महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच अवश्य करें। इनमें भूमि के स्वामित्व की पुष्टि, स्वीकृत लेआउट और नक्शा, परियोजना का RERA पंजीकरण, निर्माण की प्रगति, परियोजना से संबंधित शिकायतों का रिकॉर्ड और बिल्डर द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों का सत्यापन शामिल है। प्राधिकरण का उद्देश्य खरीदारों को अधिक पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना और संभावित विवादों से बचाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले खरीदारों को संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए। यदि कोई परियोजना RERA में पंजीकृत है, तो उसकी जानकारी, निर्माण की प्रगति और शिकायतों का विवरण आधिकारिक पोर्टल पर देखा जा सकता है। किसी भी तरह की समस्या होने पर खरीदार ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। निवेश से पहले सभी दस्तावेज पढ़ना, भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना, केवल बैंकिंग माध्यम से लेनदेन करना और किसी भी मौखिक आश्वासन पर निर्भर न रहना खरीदारों के हित में है। यदि कोई बिल्डर अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करता है, तो संबंधित खरीदार RERA या अन्य सक्षम कानूनी मंचों का सहारा ले सकते हैं।

घर खरीदने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान:

  • परियोजना का RERA पंजीकरण अवश्य जांचें।
  • भूमि के स्वामित्व और स्वीकृत नक्शे का सत्यापन करें।
  • बिल्डर का पुराना रिकॉर्ड और परियोजनाओं की स्थिति देखें।
  • भुगतान हमेशा आधिकारिक बैंक खाते में ही करें।
  • सभी रसीदें, एग्रीमेंट और दस्तावेज सुरक्षित रखें।
  • किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत RERA या सक्षम प्राधिकरण से संपर्क करें।

निष्कर्ष:
लखनऊ का रियल एस्टेट बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और निवेश के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। हालांकि, सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारों को पूरी जांच-पड़ताल, कानूनी दस्तावेजों के सत्यापन और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए। सतर्कता और सही जानकारी ही किसी भी संभावित विवाद या आर्थिक नुकसान से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।