पटना में बंटी यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवीश को मुठभेड़ में लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
नेपाल भागने की तैयारी में होने का पुलिस का दावा, बुद्धा कॉलोनी इलाके में हुई मुठभेड़; दाहिने पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
पटना, बिहार। राजधानी पटना के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे रवीश कुमार उर्फ बीसी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रवीश के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई।
यह मुठभेड़ 16 जुलाई 2026 की सुबह पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में एलएनटी घाट के आसपास गंगा किनारे जाने वाले रास्ते पर हुई। पुलिस के मुताबिक, रवीश को पकड़ने के लिए पहले से अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को उसके इलाके में पहुंचने की सूचना मिली और टीम ने संभावित रास्तों की घेराबंदी शुरू की।
पुलिस के सामने फायरिंग का दावा
पटना पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, टीम ने रवीश को रोकने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। एक गोली पुलिस वाहन में लगने की बात भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने रवीश को अपने कब्जे में लिया और घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा। मामले में पुलिस की ओर से मुठभेड़ के घटनाक्रम और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
नेपाल भागने की तैयारी में था रवीश: पुलिस
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को जानकारी मिली थी कि रवीश नेपाल भागने की कोशिश में था। पुलिस का कहना है कि वह पैसे लेकर पटना आया था और नदी के रास्ते आगे निकलने की योजना बना रहा था। इसी सूचना के आधार पर पटना के विभिन्न घाटों पर निगरानी और चेकिंग बढ़ाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के नदी के रास्ते आने की सूचना मिलने के बाद घाटों और आसपास के इलाकों में टीमों को सक्रिय किया गया। इसी अभियान के दौरान पुलिस टीम का सामना रवीश से हुआ और मुठभेड़ की स्थिति बनी।
बंटी यादव अपहरण-हत्याकांड से जुड़ा है मामला
बंटी यादव अपहरण और हत्या का मामला जुलाई 2026 में सामने आया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास टाटा पार्क इलाके से बंटी यादव के अपहरण की सूचना सामने आई थी। इसके बाद कई दिनों तक उसकी तलाश चलती रही। 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र में उसका शव बरामद किया गया।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। पुलिस की जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की गई।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही पुलिस
बंटी यादव हत्याकांड में रवीश की गिरफ्तारी को पुलिस जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस पहले से ही उसकी तलाश में जुटी थी। उसके खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े रिकॉर्ड होने की बात भी पुलिस रिपोर्टों में सामने आई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर हत्याकांड की पूरी कड़ी को समझने का प्रयास करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना की योजना किस तरह बनाई गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और बंटी यादव को अगवा करने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
बंटी यादव की हत्या के बाद इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते एक दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
ऐसे में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए जांच को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। अब पुलिस के सामने न केवल हत्या की पूरी साजिश को उजागर करने की चुनौती है, बल्कि मामले में फरार अन्य आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी भी है।
आगे की जांच में खुल सकते हैं कई राज
रवीश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और घटना के बाद उसने कहां-कहां शरण ली।
मुठभेड़ के दौरान इस्तेमाल हथियार और घटनास्थल से बरामद अन्य सामान की भी जांच की जा रही है। हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। इससे पुलिस को गोलीबारी और आरोपी की भूमिका से जुड़े साक्ष्य जुटाने में मदद मिल सकती है।
कानून-व्यवस्था के लिए अहम मामला
बंटी यादव हत्याकांड ने पटना में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी थी। अपहरण के बाद शव बरामद होने और फिर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बीच पुलिस पर लगातार दबाव बना रहा। अब रवीश की गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका कितनी स्पष्ट होती है, इस पर सबकी नजर है।
हालांकि, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और मुठभेड़ से जुड़ी जानकारी जांच का हिस्सा हैं। किसी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उसके खिलाफ लगे आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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