Hockey World Cup 2026: भारत का सफर खत्म, पुरुष टीम 8वें स्थान पर; महिला टीम ने हासिल किया पांचवां स्थान



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बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर, शूटआउट में बेल्जियम से मिली हार; महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल कर बढ़ाया सम्मान

नई दिल्ली। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और टूर्नामेंट के अंतिम मुकाबलों में रोमांच अपने चरम पर है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमें खिताब के लिए भिड़ीं। इस बार टूर्नामेंट में पुरुष और महिला वर्ग में 16-16 टीमों ने हिस्सा लिया और नए फॉर्मेट ने मुकाबलों को पहले से ज्यादा दिलचस्प बना दिया।

भारत के लिए हालांकि यह विश्व कप उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली पुरुष टीम आठवें स्थान पर रही, जबकि भारतीय महिला टीम ने पांचवें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया।

सेमीफाइनल का सपना टूटा, अर्जेंटीना ने दिया बड़ा झटका

भारतीय पुरुष हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंचने की मजबूत दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन दूसरे दौर में अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले ने पूरा समीकरण बदल दिया।

भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ कम से कम दो गोल के अंतर से जीत की जरूरत थी। लेकिन मुकाबले में भारतीय टीम को 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के साथ भारत की विश्व कप खिताब की उम्मीदें समाप्त हो गईं।

अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही भारत पर दबाव बनाया। भारतीय टीम ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन रक्षात्मक गलतियों और मिले मौकों को पूरी तरह भुनाने में नाकामी ने मुकाबला उसके हाथ से निकाल दिया।

ब्रॉन्ज नहीं तो 7वें स्थान की जंग भी बनी रोमांचक

सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद भारत के सामने classificação मुकाबलों के जरिए बेहतर स्थान हासिल करने का मौका था। इसी क्रम में भारत का सामना मेजबान बेल्जियम से हुआ।

मुकाबला निर्धारित समय तक 3-3 की बराबरी पर रहा। आखिरी समय में भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में बेल्जियम ने भारत को 4-3 से मात दे दी। इस हार के बाद भारतीय टीम को विश्व कप में आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताई और माना कि डिफेंस में सुधार की जरूरत है। खासकर बड़े मुकाबलों में छोटी-छोटी गलतियां टीम पर भारी पड़ीं।

महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया

भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए भी टूर्नामेंट आसान नहीं रहा, लेकिन टीम ने आखिरकार दमदार वापसी करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया।

भारत ने पांचवें-छठे स्थान के मुकाबले में जर्मनी को 3-1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने विश्व कप अभियान का सकारात्मक अंत किया।

टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय खिलाड़ी दीपिका ने कहा कि टीम को अपने प्रदर्शन पर गर्व है, भले ही शुरुआती लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इस अभियान ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास जरूर बढ़ाया है।

नया फॉर्मेट बना टूर्नामेंट का बड़ा आकर्षण

Hockey World Cup 2026 में इस बार पारंपरिक क्वार्टरफाइनल फॉर्मेट को बदल दिया गया था। शुरुआती पूल मुकाबलों के बाद सीधे नॉकआउट क्वार्टरफाइनल की जगह क्रॉसओवर और दूसरे दौर के पूल मुकाबले खेले गए।

इस फॉर्मेट में शुरुआती चरण में अच्छा प्रदर्शन करना बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि टीमों को सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए लगातार मजबूत नतीजे हासिल करने पड़े।

इस बदलाव ने कई टीमों के समीकरण बिगाड़े और भारत जैसी मजबूत टीम को भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होना पड़ा।

भारत की सबसे बड़ी कमजोरी बनी डिफेंस

भारतीय पुरुष टीम की विश्व कप यात्रा पर नजर डालें तो सबसे बड़ा सवाल डिफेंस को लेकर उठता है।

अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार में भारत ने पांच गोल गंवाए। बड़े टूर्नामेंट में इतनी बड़ी संख्या में गोल खाना टीम के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया। इसके अलावा पेनल्टी कॉर्नर से मिले मौकों को गोल में बदलने की क्षमता भी अपेक्षित स्तर पर नहीं रही।

यही वजह है कि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टूर्नामेंट के बाद डिफेंस को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

अब खिताब के लिए Spain और Germany आमने-सामने

भारत का अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन हॉकी वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला अभी बाकी है।

पुरुष वर्ग के फाइनल में Spain और Germany आमने-सामने हैं। स्पेन ने सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि जर्मनी ने अर्जेंटीना को 2-1 से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया।

अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि विश्व हॉकी का नया चैंपियन कौन बनेगा।

महिला वर्ग में अर्जेंटीना ने रचा इतिहास

महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अर्जेंटीना ने तीन बार की चैंपियन नीदरलैंड्स को हराकर 16 साल बाद महिला हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

यह जीत अर्जेंटीना की महिला हॉकी के लिए बेहद खास मानी जा रही है और इसने लंबे समय से चले आ रहे नीदरलैंड्स के दबदबे को चुनौती दी है।

भारत के लिए आगे क्या?

विश्व कप में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बावजूद भारतीय हॉकी टीम के सामने आगे कई बड़े टूर्नामेंट हैं। पुरुष टीम को अपनी सबसे बड़ी कमियों पर काम करना होगा—खासकर डिफेंस, पेनल्टी कॉर्नर और दबाव वाले मुकाबलों में संयम।

महिला टीम के लिए पांचवां स्थान आत्मविश्वास बढ़ाने वाला परिणाम है। अब टीम की नजर आगामी प्रतियोगिताओं पर होगी, जहां विश्व कप में मिली सीख को प्रदर्शन में बदलने की चुनौती होगी।

PC NEWS का निष्कर्ष

Hockey World Cup 2026 भारत के लिए मिला-जुला अनुभव लेकर आया। महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल करके सम्मानजनक अंत किया, लेकिन पुरुष टीम से जिस प्रदर्शन की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी।

सेमीफाइनल की दहलीज तक पहुंचने के बाद भारत का सपना अर्जेंटीना के खिलाफ हार से टूट गया और फिर बेल्जियम के खिलाफ शूटआउट ने टीम को आठवें स्थान पर रोक दिया।

अब भारतीय हॉकी के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या टीम अपनी गलतियों से सीखकर अगले बड़े टूर्नामेंट में मजबूत वापसी कर पाएगी?

विश्व कप का खिताब भले ही भारत के हाथ नहीं आया, लेकिन इस टूर्नामेंट ने भारतीय हॉकी के सामने सुधार के कई रास्ते जरूर खोल दिए हैं।

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