ब्रह्मांड में छिपा है बड़ा रहस्य! 84 रहस्यमयी ऑब्जेक्ट्स ने वैज्ञानिकों को किया हैरान



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अंतरिक्ष में मिले 84 रहस्यमयी ऑब्जेक्ट, वैज्ञानिक भी हैरान—आखिर ये हैं क्या?

NASA की Chandra वेधशाला ने छह आकाशगंगाओं में खोजे अजीब कॉस्मिक स्रोत, बेहद कम ऊर्जा वाली X-Ray के साथ दिख रही है तेज Ultraviolet Radiation

PC NEWS | अंतरिक्ष डेस्क

अंतरिक्ष की गहराइयों में वैज्ञानिकों ने ऐसी 84 रहस्यमयी खगोलीय वस्तुओं की पहचान की है, जिनका व्यवहार अब तक देखे गए सामान्य X-Ray स्रोतों से अलग दिखाई देता है। NASA की Chandra X-ray Observatory के पुराने अवलोकनों का दोबारा विश्लेषण करने के दौरान इन वस्तुओं का पता चला।

वैज्ञानिकों ने फिलहाल इन्हें “Hypersoft X-ray Sources” (HSSs) नाम दिया है। सबसे बड़ा रहस्य यह है कि ये स्रोत बेहद कम ऊर्जा वाली X-Ray किरणें छोड़ते दिखाई देते हैं, जबकि इनके साथ अत्यधिक ऊर्जावान Ultraviolet Radiation की मौजूदगी का संकेत मिलता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इस तरह का समूह पहले इस रूप में सामने नहीं आया था।

84 रहस्यमयी स्रोत मिले कहां?

शोधकर्ताओं ने Chandra के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पुराने डेटा की जांच की। इस दौरान कुल 84 Hypersoft X-ray Sources की पहचान छह अलग-अलग आकाशगंगाओं में हुई।

इनमें हमारी पड़ोसी Andromeda Galaxy (M31) और Pinwheel Galaxy (M101) भी शामिल हैं। इसके अलावा चार elliptical galaxies में भी ऐसे स्रोत पाए गए।

दिलचस्प बात यह है कि ये वस्तुएं केवल उन इलाकों में नहीं मिलीं जहां नए सितारे बन रहे हैं, बल्कि पुराने सितारों से भरे क्षेत्रों में भी इनके संकेत मिले हैं। इससे यह संभावना बनती है कि यह घटना किसी एक खास प्रकार के तारकीय वातावरण तक सीमित नहीं है।

वैज्ञानिकों को इनमें ऐसा क्या मिला?

Chandra ने इन स्रोतों को मुख्य रूप से X-Ray के सबसे कम ऊर्जा वाले हिस्से में दर्ज किया। जैसे ही वैज्ञानिकों ने अधिक ऊर्जा वाली X-Ray रेंज में देखा, ये स्रोत लगभग गायब हो गए।

यही असामान्य पैटर्न इस खोज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बना।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन वस्तुओं से निकलने वाली ऊर्जा का बड़ा हिस्सा Extreme Ultraviolet यानी EUV क्षेत्र में हो सकता है। यह ऐसा क्षेत्र है जिसे सीधे देखना बेहद मुश्किल है, क्योंकि अंतरिक्ष में मौजूद हाइड्रोजन और हीलियम इस प्रकार के विकिरण को बड़ी मात्रा में सोख लेते हैं।

आखिर ये 84 वस्तुएं हैं क्या?

यही इस पूरी खोज का सबसे बड़ा सवाल है।

वैज्ञानिक अभी इनकी वास्तविक प्रकृति को लेकर निश्चित नहीं हैं। मौजूदा वैज्ञानिक मॉडल के आधार पर एक संभावना यह है कि ये Binary Star Systems हो सकते हैं—ऐसी तारकीय प्रणालियां जिनमें एक compact object अपने साथी तारे से पदार्थ खींच रहा हो।

इस compact object में Black Hole, Neutron Star या White Dwarf में से कोई शामिल हो सकता है।

जब किसी compact object का गुरुत्वाकर्षण अपने साथी तारे से पदार्थ खींचता है, तो वह पदार्थ अत्यधिक गर्म होकर X-Ray जैसी ऊर्जा पैदा कर सकता है। लेकिन HSSs में दिखाई देने वाला बहुत soft X-Ray और अत्यधिक ultraviolet emission का संयोजन सामान्य X-Ray binary systems से अलग है।

क्या यह किसी बड़े ब्रह्मांडीय रहस्य की कुंजी हो सकता है?

वैज्ञानिकों की दिलचस्पी सिर्फ इन 84 वस्तुओं को पहचानने तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि HSSs दो बड़े astrophysical सवालों को समझने में मदद कर सकते हैं।

पहला रहस्य—Type Ia Supernova

Type Ia supernovae ब्रह्मांड के विस्तार को मापने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट से पहले वह तारकीय प्रणाली वास्तव में कैसी होती है।

कुछ White Dwarf binary systems को Type Ia supernova के संभावित पूर्वज माना जाता है।

यदि HSSs का कोई हिस्सा ऐसी प्रणालियों से संबंधित साबित होता है, तो वैज्ञानिकों को भविष्य में किसी संभावित supernova progenitor को विस्फोट से पहले पहचानने का नया रास्ता मिल सकता है।

दूसरा रहस्य—आकाशगंगाओं के बीच गैस का आयनीकरण

अंतरिक्ष में मौजूद गैस के परमाणुओं से इलेक्ट्रॉन हटाने की प्रक्रिया को Ionization कहा जाता है। वैज्ञानिक जानते हैं कि गर्म और विशाल सितारे इस प्रक्रिया में योगदान देते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में उपलब्ध ऊर्जा को पूरी तरह समझाना मुश्किल रहा है।

HSSs से निकलने वाली संभावित EUV radiation इस पहेली का एक हिस्सा हो सकती है। यदि आगे के अध्ययन इसकी पुष्टि करते हैं, तो ये रहस्यमयी स्रोत यह समझने में मदद कर सकते हैं कि कुछ galaxies के भीतर और उनके आसपास गैस कैसे गर्म, ठंडी और ionize होती है।

इतने सालों तक ये दिखाई क्यों नहीं दिए?

यह भी इस खोज का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

इन स्रोतों की X-Ray emission मुख्य रूप से बहुत कम ऊर्जा वाली है, जिसे detect करना आसान नहीं है। दूसरी ओर, इनसे जुड़ी संभावित Extreme Ultraviolet radiation रास्ते में मौजूद hydrogen और helium द्वारा absorb हो जाती है।

यानी इन वस्तुओं की radiation का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अंतरिक्ष में ही रुक जाता है और सीधे हमारे telescopes तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।

यही कारण है कि Chandra के पुराने डेटा को नए तरीके से खंगालने पर वैज्ञानिकों को एक ऐसी आबादी दिखाई दी, जो पहले उनके लिए लगभग एक “blind spot” बनी हुई थी।

क्या वैज्ञानिकों ने इसका जवाब खोज लिया है?

अभी नहीं।

यही इस खबर को इतना दिलचस्प बनाता है।

वैज्ञानिकों ने इन वस्तुओं के अस्तित्व और उनके असामान्य radiation pattern की पहचान कर ली है, लेकिन उनकी सटीक प्रकृति अभी तय नहीं हुई है। Black hole, neutron star या white dwarf से जुड़े binary systems एक संभावित व्याख्या हैं, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

आने वाले समय में और अधिक observations तथा अलग-अलग wavelengths में अध्ययन यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि ये वस्तुएं वास्तव में किस प्रकार की cosmic systems हैं।

PC NEWS की नजर

ब्रह्मांड के बारे में इंसान ने पिछले कुछ दशकों में जितना जाना है, उससे कहीं ज्यादा हिस्सा अभी भी अनदेखा है। 84 Hypersoft X-ray Sources की यह खोज इसी बात की याद दिलाती है कि आधुनिक telescopes के बावजूद अंतरिक्ष में ऐसे क्षेत्र और घटनाएं मौजूद हैं जिन्हें विज्ञान अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है।

यह किसी “एलियन” या अलौकिक घटना का प्रमाण नहीं है। फिलहाल इतना जरूर स्पष्ट है कि वैज्ञानिकों ने एक असामान्य प्रकार के cosmic source की पहचान की है, जिसकी वास्तविक प्रकृति पर अभी शोध जारी है।

और शायद सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या ये 84 रहस्यमयी स्रोत ब्रह्मांड के किसी पुराने अनसुलझे सवाल का जवाब छिपाए बैठे हैं?

स्रोत: NASA / Chandra X-ray Observatory, Nature Astronomy
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