उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट की होगी सख्त जांच! गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
चुनाव आयोग का बड़ा कदम, नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन वाले आवेदनों की होगी पड़ताल; डुप्लीकेट वोटरों पर भी नजर
लखनऊ | PC NEWS | 26 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने जांच की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मतदाता सूची में किए गए बदलावों की पड़ताल करने को कहा है। इसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, सूची से नाम हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी।
यह कदम मतदाता सूची में सामने आई कथित अनियमितताओं और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के बाद उठाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आगामी मतदाता सूची के प्रारूप को यथासंभव त्रुटिरहित बनाया जाए।
सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में आवेदनों की होगी जांच
निर्वाचन विभाग के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों से संबंधित उन आवेदनों की जांच की जाएगी, जिन्हें SIR की प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 को समाप्त होने के बाद कंप्यूटर सहायकों ने डिजिटल प्रणाली में दर्ज किया था।
इस जांच में मुख्य रूप से तीन प्रकार के आवेदन शामिल हैं:
- फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या नियमानुसार नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए।
- फॉर्म-8: मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार या निर्धारित बदलाव कराने के लिए।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आवेदनों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हो और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से न हटे।
पीलीभीत और आजमगढ़ में सामने आई गड़बड़ियों के बाद बढ़ी निगरानी
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में कुछ स्थानों पर कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद निर्वाचन विभाग ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। पीलीभीत और आजमगढ़ से संबंधित मामलों ने आवेदन दर्ज करने और मतदाता विवरण में बदलाव की प्रक्रिया की जांच की जरूरत को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
निर्वाचन विभाग का जोर इस बात पर है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने का प्रत्येक कार्य निर्धारित नियमों और उचित सत्यापन के आधार पर किया जाए।
हालांकि, किसी आवेदन में त्रुटि मिलने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। प्रत्येक मामले की जांच तथ्यों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर की जानी जरूरी है।
अब कंप्यूटर सहायक सीधे दर्ज नहीं करेंगे भौतिक आवेदन
निर्देशों के तहत कागज पर प्राप्त मतदाता आवेदनों को डिजिटल प्रणाली में दर्ज करने की जिम्मेदारी को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब ऐसे भौतिक आवेदनों को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा BLO ऐप के माध्यम से डिजिटल किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन दर्ज करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और रिकॉर्ड में संभावित गलतियों को रोकना है।
निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसी अन्य व्यक्ति के साथ लॉगिन विवरण साझा करने से बचें, ताकि निर्वाचन संबंधी रिकॉर्ड की सुरक्षा बनी रहे।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से जुड़े काम में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) और संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने स्तर पर जांच एवं निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडलायुक्तों को भी मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को लंबित आवेदनों और नागरिकों की शिकायतों का नियमानुसार समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मतदाता भी अपने नाम और विवरण की जांच करें
निर्वाचन विभाग की इस कार्रवाई के बीच प्रदेश के मतदाताओं के लिए भी जरूरी है कि वे अपनी मतदाता सूची संबंधी जानकारी की जांच कर लें।
मतदाता इन बातों पर विशेष ध्यान दें:
- मतदाता सूची में उनका नाम सही तरीके से दर्ज है या नहीं।
- नाम, उम्र, पता और अन्य विवरणों में कोई गलती तो नहीं है।
- एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज तो नहीं है।
- पात्र होने के बावजूद नाम सूची में शामिल नहीं है, तो पंजीकरण के लिए आवेदन करें।
- नाम हटाने या विवरण में बदलाव से संबंधित कोई सूचना या नोटिस मिला है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जवाब दें।
मतदाता अपना नाम और उपलब्ध विवरण भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर भी देख सकते हैं।
आधिकारिक पोर्टल: https://voters.eci.gov.in
आगामी मतदाता सूची पर रहेंगी सबकी निगाहें
उत्तर प्रदेश में आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारियों के बीच मतदाता सूची की शुद्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल रहें, डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार समाधान हो और किसी भी बदलाव को उचित प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाए।
मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का आधार होती है। इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि जांच के दौरान कितनी त्रुटियां सामने आती हैं और निर्वाचन विभाग उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
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