AI का जलवा! वेबसाइट और ऐप बनाने वाली Lovable की वैल्यूएशन पहुंची $13.3 अरब
AI से वेबसाइट और ऐप बनाने वाली कंपनी की जबरदस्त ग्रोथ, Lovable की वैल्यूएशन पहुंची 13.3 अरब डॉलर
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। AI की मदद से अब वेबसाइट, मोबाइल ऐप और दूसरे डिजिटल प्रोडक्ट तैयार करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसी बदलाव के बीच स्वीडन की AI सॉफ्टवेयर कंपनी Lovable ने टेक्नोलॉजी जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
कंपनी ने हाल ही में 400 मिलियन डॉलर की Series C फंडिंग जुटाई है और इस निवेश के बाद Lovable की वैल्यूएशन बढ़कर करीब 13.3 अरब डॉलर हो गई है। यह कंपनी की पिछली करीब 6.6 अरब डॉलर की वैल्यूएशन से लगभग दोगुनी है।
क्या करती है Lovable?
Lovable एक ऐसा AI प्लेटफॉर्म है जो यूजर को सामान्य भाषा में अपनी जरूरत बताकर वेबसाइट और सॉफ्टवेयर बनाने की सुविधा देता है। इसे टेक्नोलॉजी की दुनिया में “vibe coding” के बढ़ते चलन का हिस्सा माना जा रहा है।
इसका मतलब यह है कि किसी व्यक्ति को हर चीज के लिए खुद कोड लिखने की जरूरत नहीं होती। यूजर AI को बता सकता है कि उसे किस तरह की वेबसाइट, ऐप या डिजिटल टूल चाहिए और प्लेटफॉर्म उस निर्देश के आधार पर सॉफ्टवेयर तैयार करने में मदद करता है।
यही वजह है कि AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का यह मॉडल उन लोगों के बीच भी लोकप्रिय हो रहा है जिनके पास पारंपरिक प्रोग्रामिंग की ज्यादा जानकारी नहीं है।
400 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग
Lovable ने Series C फंडिंग राउंड में 400 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Menlo Ventures और EQT के Scaleup Europe Fund ने किया, जबकि Tencent समेत कई अन्य निवेशकों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
नई फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 13.3 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि कुछ ही महीनों के अंदर कंपनी की वैल्यूएशन में बड़ा उछाल आया है।
दिसंबर 2025 में Lovable ने 330 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी और उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 6.6 अरब डॉलर थी। अब नई फंडिंग के बाद यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया है।
60 मिलियन से ज्यादा प्रोजेक्ट तैयार
Lovable की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा उसके प्लेटफॉर्म पर बनाए गए प्रोजेक्ट की संख्या से लगाया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, नवंबर 2024 में लॉन्च होने के बाद से अब तक प्लेटफॉर्म पर 6 करोड़ से ज्यादा प्रोजेक्ट बनाए जा चुके हैं।
इन प्रोजेक्ट्स से तैयार किए गए ऐप और डिजिटल प्रोडक्ट हर महीने करीब 90 करोड़ विजिट आकर्षित कर रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि AI से सॉफ्टवेयर बनाने का प्रयोग अब सिर्फ टेस्टिंग या छोटे प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रह गया है।
AI ने बदल दिया सॉफ्टवेयर बनाने का तरीका
परंपरागत तरीके से वेबसाइट या ऐप बनाने के लिए डिजाइनर, फ्रंटएंड डेवलपर, बैकएंड डेवलपर और दूसरे तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है। किसी प्रोजेक्ट को तैयार करने में कई दिन या कई महीने भी लग सकते हैं।
AI आधारित प्लेटफॉर्म इस प्रक्रिया के कई हिस्सों को आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यूजर अपनी जरूरत को सामान्य भाषा में समझाता है और AI उसके आधार पर कोड तैयार करने, उसमें बदलाव करने और प्रोजेक्ट को आगे विकसित करने में मदद करता है।
इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप और ऐसे लोगों को हो सकता है जिनके पास अपना पूरा टेक्निकल डेवलपमेंट टीम नहीं है।
बड़ी कंपनियां भी कर रही हैं इस्तेमाल
Lovable का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत यूजर्स तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक Nvidia, Adidas और Deutsche Telekom जैसी कंपनियां भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं।
इससे संकेत मिलता है कि AI आधारित कोडिंग टूल अब प्रयोगात्मक तकनीक से आगे बढ़कर कारोबारी इस्तेमाल की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।
हालांकि बड़ी कंपनियों के लिए सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और कोड की गुणवत्ता जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
कंपनी की कमाई में भी तेज उछाल
Lovable की ग्रोथ केवल यूजर्स और प्रोजेक्ट की संख्या तक सीमित नहीं है। कंपनी की वार्षिक आय की गति भी तेजी से बढ़ी है।
रिपोर्टों के अनुसार जून 2026 में कंपनी का वार्षिकीकृत राजस्व रन रेट करीब 500 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अगस्त के अंत तक इसे लगभग 600 मिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रही थी।
यह आंकड़ा AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के तेजी से बढ़ते कारोबारी बाजार को दर्शाता है।
नई फंडिंग का क्या करेगी कंपनी?
नई फंडिंग का इस्तेमाल Lovable अपने प्लेटफॉर्म, AI तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए करने की योजना बना रही है।
कंपनी का लक्ष्य सिर्फ वेबसाइट बनाने वाले टूल के रूप में सीमित रहना नहीं, बल्कि AI की मदद से सॉफ्टवेयर और डिजिटल बिजनेस बनाने की प्रक्रिया को और ज्यादा आसान बनाना है। कंपनी अपने वैश्विक विस्तार और प्लेटफॉर्म की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।
क्या AI डेवलपर्स की जगह ले रहा है?
Lovable जैसी कंपनियों की सफलता के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में AI इंसानी सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की जगह ले लेगा।
विशेषज्ञों के बीच इस विषय पर अलग-अलग राय है। AI सामान्य और दोहराए जाने वाले कोडिंग कार्यों को काफी तेजी से कर सकता है, लेकिन जटिल सॉफ्टवेयर, सुरक्षा, आर्किटेक्चर, डेटा प्रबंधन और बड़े सिस्टम के लिए इंसानी विशेषज्ञता अभी भी महत्वपूर्ण है।
इसलिए फिलहाल AI को डेवलपर्स के विकल्प के बजाय डेवलपर्स की क्षमता बढ़ाने वाले टूल के रूप में देखना ज्यादा उचित है।
“Vibe Coding” क्यों हो रहा है लोकप्रिय?
“Vibe coding” का मूल विचार यह है कि यूजर हर लाइन का कोड खुद लिखने के बजाय AI को प्राकृतिक भाषा में बताता है कि उसे क्या बनाना है।
उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति AI से कह सकता है कि उसे एक ऑनलाइन स्टोर के लिए होमपेज, प्रोडक्ट लिस्ट, लॉगिन सिस्टम और पेमेंट से जुड़ी सुविधा वाला इंटरफेस चाहिए। AI उस निर्देश को समझकर कोड तैयार करने और उसमें बदलाव करने में सहायता कर सकता है।
इससे प्रोटोटाइप तैयार करने की प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है। हालांकि वास्तविक उपयोग के लिए तैयार सॉफ्टवेयर में सुरक्षा और तकनीकी जांच जरूरी रहती है।
AI सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
Lovable की सफलता के साथ AI आधारित कोडिंग और सॉफ्टवेयर निर्माण के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। कई कंपनियां ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित कर रही हैं जो कम तकनीकी ज्ञान रखने वाले लोगों को भी ऐप और वेबसाइट बनाने की सुविधा देते हैं।
यह बदलाव सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के पारंपरिक मॉडल को प्रभावित कर सकता है। पहले जहां छोटी कंपनियों को वेबसाइट या ऐप बनाने के लिए बड़ी रकम और लंबा समय खर्च करना पड़ता था, वहीं AI टूल इस प्रक्रिया को ज्यादा तेज और सस्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि सुरक्षा, विश्वसनीयता और बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्म की सफलता तय करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगे।
PC News निष्कर्ष
Lovable की 13.3 अरब डॉलर की वैल्यूएशन और 400 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग यह संकेत देती है कि AI आधारित सॉफ्टवेयर निर्माण अब टेक इंडस्ट्री का एक बड़ा कारोबारी क्षेत्र बनता जा रहा है।
6 करोड़ से ज्यादा प्रोजेक्ट और हर महीने करीब 90 करोड़ विजिट का कंपनी द्वारा बताया गया आंकड़ा AI आधारित वेबसाइट और ऐप निर्माण की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप और सामान्य इंटरनेट यूजर्स के लिए डिजिटल प्रोडक्ट बनाना और आसान कर सकती है।
साथ ही, AI से तैयार सॉफ्टवेयर के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और कोड की गुणवत्ता जैसी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। ऐसे में आने वाला समय यह तय करेगा कि AI आधारित “वाइब कोडिंग” पारंपरिक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को किस हद तक बदल पाती है।
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