लखनऊ बारिश में बेहाल! दो घंटे की झमाझम बारिश ने खोली जलनिकासी की पोल, सड़कें बनीं तालाब; चिनहट में धंसी सड़क



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गोमतीनगर से इंदिरानगर और भूतनाथ तक जलभराव का असर, शहीद पथ-कमता पर वाहनों की रफ्तार थमी; कई घरों में घुसा पानी, 5 सितंबर तक बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली और करीब दो घंटे की तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, वाहन धीमी रफ्तार से चलते नजर आए और कुछ निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया।

बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। चिनहट में सीवर मैनहोल के पास सड़क का एक हिस्सा धंसने से हादसे का खतरा भी पैदा हो गया।

दो घंटे की बारिश और शहर की रफ्तार थम गई

मंगलवार को राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर तेज बारिश हुई। मलिहाबाद से लेकर जानकीपुरम विस्तार, हजरतगंज, गोमतीनगर, चिनहट और मोहनलालगंज तक बारिश का असर देखने को मिला।

कई इलाकों में बारिश इतनी तेज रही कि दिन के समय भी आसमान में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। वाहन चालकों को कम दृश्यता के बीच हेडलाइट जलाकर आगे बढ़ना पड़ा।

बारिश रुकने के बाद भी कई सड़कों पर पानी जमा रहा, जिससे लोगों को अपने घर और दफ्तर तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई।

गोमतीनगर, इंदिरानगर और भूतनाथ में जलभराव

बारिश के बाद गोमतीनगर, इंदिरानगर और भूतनाथ समेत कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं।

कुछ स्थानों पर पानी करीब दो फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। निचले इलाकों में स्थिति और खराब रही। पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

फैजुल्लागंज के अजीज नगर क्षेत्र में बरसाती नाला ओवरफ्लो होने से आसपास के घरों में पानी घुसने की भी खबर सामने आई है।

शहीद पथ से कमता तक लगा लंबा जाम

भारी बारिश का सीधा असर लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ा।

शहीद पथ, कमता तिराहा, पॉलीटेक्निक और बुद्धेश्वर चौराहे के आसपास जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। कमता तिराहे के पास शहीद पथ और सर्विस रोड पर पानी जमा होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

कई वाहन चालकों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और मुश्किल रही, क्योंकि पानी की गहराई का अंदाजा लगाना भी कई जगह चुनौती बन गया।

चिनहट में धंसी करीब 8 फीट सड़क

बारिश के बीच चिनहट से सबसे चिंताजनक तस्वीर सामने आई।

रोलेक्स अपार्टमेंट के सामने सीवर मैनहोल के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया। रिपोर्टों के अनुसार वहां करीब 8 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे आसपास से गुजरने वाले वाहनों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया।

सड़क धंसने की घटना ने जलभराव के साथ-साथ शहर की सड़कों और सीवर व्यवस्था की मजबूती पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीतापुर रोड पर भी सड़क में गड्ढा, हादसे का खतरा

बारिश के बाद सीतापुर रोड स्थित पूर्णिया फ्लाईओवर के पास भी सड़क के बीच गड्ढा होने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार गड्ढे के कारण एक ई-रिक्शा पलट चुका है और बाइक सवार भी गिर चुके हैं। लोगों ने वाहन चालकों को सावधान करने के लिए मौके पर कुर्सी रखकर लाल कपड़ा लगाया।

यह तस्वीर बताती है कि बारिश के बाद सिर्फ जलभराव ही नहीं, बल्कि सड़क की क्षति भी वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

लालबाग से लेकर हजरतगंज तक असर

लालबाग इलाके में भी लगातार बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।

हजरतगंज सहित शहर के दूसरे प्रमुख हिस्सों में भी बारिश के दौरान यातायात प्रभावित हुआ।

यानी राजधानी में बारिश का असर एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के कई हिस्सों में लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई।

बिजली आपूर्ति भी प्रभावित

लगातार बारिश के बीच कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबर सामने आई।

चिनहट समेत कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने की जानकारी मिली है। बारिश के दौरान बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।

बारिश और बिजली कटौती के बीच कई परिवारों को घर के अंदर भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

लखनऊ में सामान्य से ज्यादा बारिश

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 सितंबर तक लखनऊ में सामान्य बारिश का औसत करीब 523.9 मिलीमीटर है, जबकि इस साल अब तक करीब 525.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

यानी राजधानी में मौजूदा आंकड़े सामान्य से थोड़ा ऊपर पहुंच चुके हैं।

हालांकि बारिश का वितरण पूरे मौसम में एक जैसा नहीं रहता। कुछ दिनों में कम बारिश और कुछ दिनों में अचानक तेज बारिश होने से जलनिकासी व्यवस्था पर एक साथ दबाव बढ़ जाता है।

5 सितंबर तक बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 5 सितंबर तक बारिश का अलर्ट बताया गया है।

ऐसे में अगले कुछ दिनों में फिर तेज बारिश होने पर आज जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।

प्रशासन और नगर निकाय के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले स्थानों पर पानी की जल्द निकासी और क्षतिग्रस्त सड़कों को सुरक्षित करना होगी।

जलनिकासी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

हर बार तेज बारिश के बाद लखनऊ के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है।

इस बार भी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न होने, नाले ओवरफ्लो होने और कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंचने की खबरों ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

लोगों का कहना है कि सामान्य बारिश में भी अगर प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो जाता है तो तेज बारिश के दौरान हालात और गंभीर होना स्वाभाविक है।

वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानी

बारिश के बीच वाहन चलाते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

खासकर उन सड़कों पर जहां पानी की गहराई दिखाई नहीं दे रही हो, वहां तेज गति से वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है। सड़क धंसने या गड्ढे वाले क्षेत्रों में दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और ट्रैफिक अपडेट देखकर ही निकलना बेहतर रहेगा।

PC NEWS का निष्कर्ष

लखनऊ में मंगलवार की तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी और सड़क व्यवस्था की परीक्षा ले ली। करीब दो घंटे की बारिश के बाद गोमतीनगर, इंदिरानगर, भूतनाथ, फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में जलभराव हुआ। शहीद पथ और कमता जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार थमी, जबकि कुछ निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया।

सबसे चिंताजनक घटना चिनहट में सामने आई, जहां सीवर मैनहोल के पास सड़क का करीब 8 फीट हिस्सा धंस गया। सीतापुर रोड पर भी सड़क में गड्ढे के कारण हादसे का खतरा बढ़ गया।

अब मौसम विभाग की ओर से 5 सितंबर तक बारिश का अलर्ट बताए जाने के बाद सवाल यह है कि क्या लखनऊ की जलनिकासी व्यवस्था अगली तेज बारिश का दबाव झेल पाएगी, या राजधानी फिर पानी-पानी होगी?

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