प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना: युवाओं के लिए बड़ा मौका, देश की प्रमुख कंपनियों में मिल सकता है 12 महीने का अनुभव
पढ़ाई के बाद नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकार की पहल, इंटर्नशिप के साथ आर्थिक सहायता और वास्तविक कार्य अनुभव देने का लक्ष्य
नई दिल्ली। देश के युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक और औद्योगिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) शुरू की है। इस योजना का मकसद युवाओं को देश की प्रमुख कंपनियों के साथ काम करने का अवसर देकर उनके कौशल, कार्यक्षमता और रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करना है।
सरकार ने इस योजना की शुरुआत 3 अक्टूबर 2024 को की थी। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में करीब एक करोड़ युवाओं को 12 महीने की पेड इंटर्नशिप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य युवाओं की शैक्षणिक पढ़ाई और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच मौजूद अंतर को कम करना है।
क्या है प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को इस सोच के साथ तैयार किया गया है कि युवाओं को सिर्फ डिग्री हासिल करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव भी मिले।
इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को कंपनियों के कामकाज, टीम के साथ काम करने, व्यावसायिक वातावरण को समझने और अपनी रुचि के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिल सकता है।
सरकार के अनुसार यह पहल युवाओं की employability यानी रोजगार पाने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों को जोड़ा गया है, जिससे युवाओं को अपनी शिक्षा और रुचि के अनुसार विभिन्न प्रकार के अवसर मिल सकते हैं।
12 महीने की इंटर्नशिप का अवसर
योजना की प्रमुख विशेषताओं में 12 महीने की इंटर्नशिप शामिल है। इसका उद्देश्य युवाओं को कुछ सप्ताह या कुछ महीनों के प्रशिक्षण के बजाय पर्याप्त समय तक वास्तविक कार्य वातावरण में सीखने का अवसर देना है।
एक साल के दौरान इंटर्न कंपनी के कामकाज को नजदीक से समझ सकता है और अपनी professional skills विकसित कर सकता है।
इस तरह की इंटर्नशिप युवाओं को नौकरी के इंटरव्यू के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार कर सकती है, क्योंकि उनके पास केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं बल्कि काम का वास्तविक अनुभव भी होगा।
हर महीने आर्थिक सहायता का प्रावधान
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है। सरकारी योजना के आधिकारिक विवरण के अनुसार इंटर्न को ₹5,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है।
इस राशि में कंपनी की ओर से ₹500 और सरकार की ओर से ₹4,500 का योगदान शामिल है। सरकारी हिस्सा Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से पात्र इंटर्न के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।
इसके अलावा इंटर्नशिप शुरू होने के बाद एक बार ₹6,000 की अतिरिक्त सहायता देने का भी प्रावधान बताया गया है।
इस तरह योजना युवाओं को अनुभव देने के साथ-साथ इंटर्नशिप अवधि के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।
कौन-कौन से युवा कर सकते हैं आवेदन?
योजना के शुरुआती आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार पायलट चरण में 21 से 24 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिकों को पात्रता दी गई थी, बशर्ते वे पूर्णकालिक रोजगार में न हों और पूर्णकालिक शिक्षा प्राप्त न कर रहे हों। ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग करने वाले उम्मीदवारों को पात्रता दी गई थी।
शैक्षणिक योग्यता के स्तर पर हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी, ITI, पॉलीटेक्निक डिप्लोमा और BA, BSc, BCom, BCA, BBA, BPharma जैसी स्नातक डिग्रियों वाले उम्मीदवारों को शुरुआती पायलट दिशा-निर्देशों में शामिल किया गया था।
हालांकि, आवेदन करने से पहले वर्तमान पोर्टल पर लागू आयु, शिक्षा, आय और अन्य पात्रता शर्तों को जरूर जांचना चाहिए, क्योंकि योजना के अलग-अलग चरणों में नियम और उपलब्ध अवसर बदल सकते हैं।
किन लोगों को पात्रता नहीं दी गई थी?
शुरुआती पायलट दिशा-निर्देशों में कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया था। इनमें IIT, IIM, National Law Universities, IISER, NID और IIIT जैसे कुछ संस्थानों से स्नातक उम्मीदवार तथा CA, CMA, CS, MBBS, BDS, MBA या मास्टर डिग्री अथवा उससे अधिक योग्यता वाले उम्मीदवार शामिल थे।
इसके अलावा कुछ सरकारी कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप या छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पहले से शामिल उम्मीदवारों के लिए भी प्रतिबंध निर्धारित किए गए थे। परिवार की आय और सरकारी नौकरी से संबंधित भी पात्रता शर्तें थीं।
ध्यान दें: ये शुरुआती आधिकारिक पात्रता मानदंड हैं; किसी भी नए आवेदन के लिए वर्तमान PM Internship Portal पर दिखाई जा रही शर्तों को अंतिम माना जाना चाहिए।
देश की बड़ी कंपनियों में मिलने वाले अवसर
इस योजना में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों को जोड़ा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, तेल एवं गैस, ऊर्जा, विनिर्माण, FMCG, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, IT और सॉफ्टवेयर, दूरसंचार, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
इससे युवाओं को अपनी रुचि के क्षेत्र को समझने और भविष्य में करियर की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है।
एक साथ कई इंटर्नशिप के लिए आवेदन की सुविधा
योजना के पोर्टल को इस तरह तैयार किया गया है कि उम्मीदवार उपलब्ध इंटर्नशिप को अपनी पसंद के अनुसार खोज सकें। शुरुआती व्यवस्था में उम्मीदवारों को एक से अधिक अवसरों के लिए आवेदन करने की सुविधा दी गई थी।
सरकार ने बाद में PM Internship Scheme के लिए मोबाइल ऐप भी शुरू किया, जिसके जरिए उम्मीदवार जिले, राज्य, सेक्टर और लोकेशन के आधार पर अवसरों को फिल्टर कर सकते हैं।
इस सुविधा का उद्देश्य युवाओं के लिए इंटर्नशिप के अवसरों को ज्यादा आसानी से उपलब्ध कराना है।
कंपनियों को भी योजना से जोड़ा गया
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना केवल युवाओं के लिए ही नहीं है। इसमें कंपनियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
शुरुआती पायलट चरण में देश की शीर्ष 500 कंपनियों को उनके पिछले तीन वर्षों के औसत CSR खर्च के आधार पर शामिल करने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा अन्य कंपनियां, बैंक और वित्तीय संस्थान भी मंत्रालय की मंजूरी के साथ योजना में भाग ले सकते हैं।
कंपनियों के लिए यह पहल भविष्य के प्रतिभाशाली कर्मचारियों को पहचानने और युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करने का माध्यम भी बन सकती है।
इंटर्नशिप के दौरान क्या फायदा होगा?
किसी भी युवा के लिए नौकरी पाने से पहले वास्तविक कार्य अनुभव काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। कॉलेज की पढ़ाई में जहां अधिकतर ज्ञान सैद्धांतिक होता है, वहीं इंटर्नशिप के दौरान काम को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का मौका मिलता है।
इंटर्न को समय प्रबंधन, टीमवर्क, कम्युनिकेशन, समस्या समाधान, कंपनी की कार्यप्रणाली और प्रोफेशनल व्यवहार जैसी चीजें सीखने का अवसर मिल सकता है।
यही अनुभव आगे चलकर नौकरी के आवेदन और इंटरव्यू में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
बीमा कवर का भी प्रावधान
सरकारी जानकारी के अनुसार योजना के तहत इंटर्न को सरकारी बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवर देने का भी प्रावधान है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से संबंधित प्रीमियम सरकार द्वारा वहन किया जाता है। कंपनियां अपनी ओर से अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर भी दे सकती हैं।
इससे इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
योजना का उद्देश्य सिर्फ इंटर्नशिप नहीं
सरकार का लक्ष्य इस योजना को केवल कुछ महीनों की ट्रेनिंग तक सीमित रखना नहीं है। इसके पीछे बड़ी सोच युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना है।
देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा स्कूल, ITI, डिप्लोमा और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। ऐसे में डिग्री और नौकरी के बीच व्यावहारिक अनुभव की कमी कई युवाओं के सामने चुनौती बनती है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना इसी अंतर को कम करने की कोशिश करती है।
युवाओं के लिए जरूरी सावधानी
योजना का लाभ लेने के इच्छुक युवाओं को किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट को पैसे देकर इंटर्नशिप लेने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
आवेदन और उपलब्ध अवसरों की जानकारी आधिकारिक PM Internship Portal से ही प्राप्त करना बेहतर है। किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी या इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर निजी बैंक जानकारी, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगे जाने पर सावधानी बरतनी चाहिए।
आवेदन कहां से करें?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in है। उम्मीदवार वहां उपलब्ध अवसरों, पात्रता और आवेदन से संबंधित वर्तमान जानकारी देख सकते हैं।
योजना के अलग-अलग चरणों में आवेदन की तारीख, उपलब्ध सीटें और पात्रता में बदलाव संभव हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले पोर्टल पर मौजूद नवीनतम दिशा-निर्देश पढ़ना जरूरी है।
PM Internship Scheme का आधिकारिक पोर्टल
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
भारत में रोजगार के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं रह गई है। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास संबंधित क्षेत्र का व्यावहारिक ज्ञान, communication skills और काम करने का अनुभव हो।
ऐसे में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के बीच एक महत्वपूर्ण पुल उपलब्ध करा सकती है।
यदि कोई युवा इंटर्नशिप के दौरान अपने क्षेत्र को अच्छी तरह समझ लेता है और आवश्यक skills विकसित कर लेता है, तो उसके लिए भविष्य में रोजगार के अवसर तलाशना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना देश के युवाओं को उद्योग जगत से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। 12 महीने के व्यावहारिक अनुभव, आर्थिक सहायता और विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के साथ काम करने का अवसर युवाओं के करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, किसी भी सरकारी योजना की तरह इसका लाभ लेने से पहले पात्रता, आवेदन की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध इंटर्नशिप की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जांचना जरूरी है।
युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंटर्नशिप को केवल आर्थिक सहायता पाने का माध्यम न मानकर सीखने, अनुभव हासिल करने और अपने करियर को मजबूत करने का अवसर समझें।
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