प्रतापगढ़ के लाल ने दुनिया में लहराया तिरंगा! शाहनवाज खान ने लॉन्ग जंप में जीता ऐतिहासिक कांस्य
शाहनवाज खान ने रचा इतिहास, लॉन्ग जंप में भारत को दिलाया ऐतिहासिक ब्रॉन्ज
यूजीन/उत्तर प्रदेश: भारतीय एथलेटिक्स के लिए 9 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास बन गया। युवा लॉन्ग जंपर शाहनवाज खान ने अमेरिका के यूजीन में आयोजित World Athletics U20 Championships 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उनकी सर्वश्रेष्ठ छलांग 7.84 मीटर रही। इस उपलब्धि के साथ शाहनवाज विश्व स्तर की U20 चैंपियनशिप में पुरुषों की लॉन्ग जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं।
तीसरे प्रयास में लगाई पदक वाली छलांग
फाइनल मुकाबले में शाहनवाज ने शुरुआत 7.67 मीटर की छलांग से की। इसके बाद उन्होंने 7.72 मीटर का प्रयास किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7.84 मीटर की छलांग लगाई और पदक की स्थिति में पहुंच गए।
इसके बाद उनका चौथा प्रयास 7.52 मीटर रहा। पांचवें प्रयास में उन्होंने 7.83 मीटर की छलांग लगाई, जबकि छठा प्रयास 5.37 मीटर रहा। अंततः 7.84 मीटर का प्रदर्शन उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
इटली के खिलाड़ी ने जीता गोल्ड
पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में इटली के Daniele Leonardo Inzoli ने 7.97 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। ऑस्ट्रेलिया के Mason McGroder ने 7.96 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। शाहनवाज 7.84 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खास बात यह रही कि फाइनल में किसी भी खिलाड़ी ने 8 मीटर का आंकड़ा पार नहीं किया। ऐसे में शाहनवाज की 7.84 मीटर की छलांग उन्हें भारत के लिए ऐतिहासिक पदक दिलाने में कामयाब रही।
कुछ महीनों में बदली शाहनवाज की किस्मत
शाहनवाज की यह सफलता अचानक नहीं आई है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया है। 2026 में वह 8.30 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं और इसी दौरान उन्होंने भारतीय U20 स्तर पर भी शानदार रिकॉर्ड बनाए।
World Athletics के आधिकारिक प्रोफाइल में भी शाहनवाज को World U20 Championships bronze medallist के रूप में दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ से निकली अंतरराष्ट्रीय उड़ान
शाहनवाज खान का संबंध उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मदहाईपुर गांव से बताया जाता है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले इस युवा खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स मंच तक जगह बनाई है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता टैक्सी चलाते थे और परिवार में खेल का माहौल भी रहा है। उनके चाचा शाहरुख राष्ट्रीय स्तर पर 3000 मीटर स्टीपलचेज में उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
यही पारिवारिक खेल पृष्ठभूमि शाहनवाज के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनी।
एशियाई स्तर पर भी दिखा चुके हैं दम
World U20 Championships से पहले शाहनवाज ने एशियाई स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स की उभरती प्रतिभाओं में शामिल कर दिया है।
उनका 8.30 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि उनके अंदर भविष्य में और बड़ी छलांग लगाने की क्षमता मौजूद है।
फाइनल में आई परेशानी, फिर भी नहीं छोड़ी हिम्मत
पदक जीतने के बावजूद फाइनल शाहनवाज के लिए पूरी तरह आसान नहीं रहा। प्रतियोगिता के दौरान उन्हें मांसपेशियों में ऐंठन और एड़ी में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे और 7.84 मीटर की छलांग के दम पर पोडियम स्थान सुरक्षित किया।
यह प्रदर्शन उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को भी दिखाता है।
भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि खास?
शाहनवाज का ब्रॉन्ज केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारतीय पुरुष लॉन्ग जंप के लिए विश्व U20 स्तर पर पहला पदक है। इससे पहले भारतीय महिला लॉन्ग जंप में शाइली सिंह ने 2021 में U20 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। अब शाहनवाज ने पुरुष वर्ग में भी भारत का नाम पदक तालिका में दर्ज करा दिया है।
इस उपलब्धि से भारतीय एथलेटिक्स में लॉन्ग जंप को लेकर नई उम्मीद पैदा हुई है।
भारत ने एक ही दिन जीते दो ऐतिहासिक पदक
यूजीन में भारत के लिए यह दिन इसलिए भी यादगार रहा क्योंकि शाहनवाज खान के साथ बasant कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप में रजत पदक जीता। मेघवाल ने 2.21 मीटर की छलांग लगाई।
इस तरह भारत ने World Athletics U20 Championships में एक ही दिन हाई जंप और लॉन्ग जंप में अपने-अपने पहले पदक हासिल किए।
अब नजरें बड़े मंच पर
शाहनवाज की मौजूदा उपलब्धि के बाद उनकी नजरें अब सीनियर स्तर पर खुद को साबित करने पर हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.30 मीटर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में उनसे और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से निकलकर विश्व एथलेटिक्स के मंच पर भारत के लिए इतिहास रचने वाले शाहनवाज खान की कहानी मेहनत, प्रतिभा और लगातार आगे बढ़ने की मिसाल है। 7.84 मीटर की उनकी ऐतिहासिक छलांग ने न सिर्फ उन्हें ब्रॉन्ज मेडल दिलाया, बल्कि भारतीय पुरुष लॉन्ग जंप के इतिहास में उनका नाम भी दर्ज कर दिया।
आज शाहनवाज का यह पदक देश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
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