Lucknow में H1N1 का बढ़ता खतरा! एक दिन में 4 नए मरीज मिले, अगस्त में कुल 17 केस; अस्पताल अलर्ट



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SGPGI और RMLIMS में सामने आए नए मामले, तीन पुरुष और एक महिला संक्रमित; सभी मरीज Isolation Ward में भर्ती, डॉक्टर बोले- घबराने की नहीं, सावधानी की जरूरत

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मौसमी फ्लू के बीच H1N1 संक्रमण के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है। सोमवार को शहर में H1N1 के चार नए मरीज मिले। इनमें दो मामले संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) और दो मामले राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RMLIMS) में सामने आए हैं। इन नए मामलों के साथ अगस्त महीने में लखनऊ में दर्ज H1N1 संक्रमण की संख्या 17 हो गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक नए संक्रमितों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। सभी को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और इलाज चल रहा है। फिलहाल चारों की स्थिति स्थिर बताई गई है और किसी में गंभीर जटिलता की जानकारी नहीं है।

एक साथ चार नए केस से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी

लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से H1N1 के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोमवार को चार नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने निगरानी और तेज कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को H1N1 मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर के अस्पतालों में भी मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि गंभीर लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान की जा सके।

SGPGI और RMLIMS में मिले दो-दो मरीज

सोमवार को सामने आए चार नए मामलों में दो मरीजों की जांच SGPGI में पॉजिटिव आई, जबकि दो अन्य मामलों की पुष्टि RMLIMS में हुई।

चारों मरीजों को निगरानी में रखते हुए उपचार दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।

इससे पहले भी राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में H1N1 संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग अब अस्पतालों से आने वाली रिपोर्टों पर लगातार नजर रख रहा है।

क्या H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत है?

H1N1 का नाम सुनते ही लोगों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है।

KGMU की माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शीतल वर्मा के अनुसार H1N1 अब मौसमी Influenza viruses का हिस्सा माना जाता है और सामान्य रूप से स्वस्थ लोगों में इसके कई संक्रमण हल्के रहते हैं तथा मरीज समय के साथ ठीक हो सकते हैं।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर मरीज को नजरअंदाज किया जाए। खासकर जिन लोगों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं रहें ज्यादा सतर्क

डॉक्टरों ने खासतौर पर कुछ समूहों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इनमें शामिल हैं—

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग
  • गंभीर या लंबे समय से चल रही बीमारियों से जूझ रहे लोग

इन लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

फ्लू के दौरान बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन अगर बीमारी बढ़ती हुई दिखाई दे तो विशेष सावधानी जरूरी है।

डॉक्टरों ने खासतौर पर सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार, सीने में दर्द, ऑक्सीजन स्तर कम होना या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी स्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है।

ऐसे लक्षणों में घर पर खुद से इलाज करते रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।

हर बुखार में H1N1 टेस्ट जरूरी नहीं

एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि हर व्यक्ति को बुखार या खांसी होने पर H1N1 टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती।

डॉक्टर मरीज की स्थिति, लक्षण और बीमारी की गंभीरता देखकर जांच की आवश्यकता तय कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों या गंभीर/जटिल बीमारी में चिकित्सकीय सलाह के आधार पर टेस्ट कराया जा सकता है।

इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह के आधार पर खुद से टेस्ट या दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

मास्क और Hand Hygiene पर जोर

H1N1 सहित श्वसन संबंधी संक्रमणों से बचाव के लिए डॉक्टरों ने कुछ सामान्य सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने, नियमित रूप से हाथ साफ रखने और घर व कार्यस्थल पर पर्याप्त ventilation रखने की सलाह दी गई है।

खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना भी संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

अस्पतालों में बेड और दवाओं की व्यवस्था

लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के अनुसार जिला स्तर के अस्पतालों में H1N1 मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं। जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और मरीजों की देखभाल के लिए मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।

इसका उद्देश्य यह है कि अगर आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पतालों पर अचानक अतिरिक्त दबाव न पड़े।

पूरे यूपी में भी बढ़े H1N1 के मामले

H1N1 का असर सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है। 30 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के 57 जिलों में 551 H1N1 मामले सामने आ चुके थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अधिक मामलों वाले जिलों में अलग OPD और अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

ऐसे में राजधानी लखनऊ में भी नए मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता बढ़ना स्वाभाविक है।

बारिश और बदलते मौसम में सावधानी जरूरी

लखनऊ में इन दिनों बारिश और मौसम में बदलाव का दौर भी चल रहा है। ऐसे मौसम में वायरल और श्वसन संक्रमण से जुड़े मरीजों की संख्या पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।

हालांकि हर वायरल बुखार H1N1 नहीं होता, इसलिए लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी तय करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा उचित है।

PC NEWS का निष्कर्ष

लखनऊ में H1N1 के चार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और बढ़ गई है। सोमवार को SGPGI और RMLIMS में दो-दो नए मरीज मिले। इनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। सभी मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

अगस्त में राजधानी में दर्ज H1N1 मामलों की संख्या अब 17 हो गई है। वहीं पूरे उत्तर प्रदेश में भी संक्रमण के मामले कई जिलों में सामने आ चुके हैं।

हालांकि डॉक्टरों की सलाह साफ है—घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन लापरवाही भी नहीं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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