भोजपुरी बवाल’ में पवन सिंह पर तेज प्रताप का बड़ा वार! शराब के आरोप से गरमाई सियासत, मचा हंगामा**
पवन सिंह पर तेज प्रताप यादव का बड़ा हमला! ‘भोजपुरी बवाल’ में शराब पीकर ठुमके लगाने का लगाया आरोप, मचा सियासी बवाल
पटना। भोजपुरी सिनेमा और बिहार की राजनीति से जुड़ा एक विवाद इन दिनों तेजी से चर्चा में है। पटना में आयोजित रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले के दौरान जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी स्टार और बीजेपी एमएलसी पवन सिंह को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसके बाद मनोरंजन जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई। तेज प्रताप यादव ने पवन सिंह पर शराब पीने का आरोप लगाते हुए उनके टेस्ट की बात कही।
‘अंदर जो ठुमका लगा रहा है, वही पवन सिंह हैं’
पटना के ज्ञान भवन में ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले की शूटिंग के दौरान कई भोजपुरी सितारे मौजूद थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव से कलाकारों के शराब सेवन को लेकर सवाल किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने कहा कि कुछ कलाकार शराब पीते हैं और उन्हें शराब से दूरी बनानी चाहिए। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वह किस कलाकार की बात कर रहे हैं, तो उन्होंने कार्यक्रम के अंदर मौजूद पवन सिंह की ओर इशारा करते हुए उन पर शराब पीने का आरोप लगाया। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि यदि उनका टेस्ट कराया जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।
तेज प्रताप के इस बयान के बाद कार्यक्रम का माहौल और बयान दोनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए।
बिहार में शराबबंदी का मुद्दा भी उठा
तेज प्रताप यादव के बयान के बाद पत्रकारों ने उनसे बिहार में लागू शराबबंदी को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कथित तौर पर पवन सिंह की जांच कराने की बात कही और कहा कि जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने इस पूरे मामले को जांच का विषय बताया।
हालांकि, पवन सिंह के शराब सेवन को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों में पवन सिंह की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को फिलहाल तेज प्रताप यादव के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
तेज प्रताप ने पवन सिंह को कहा ‘लफुआ’
विवाद सिर्फ शराब के आरोप तक सीमित नहीं रहा। तेज प्रताप यादव ने बातचीत के दौरान पवन सिंह के लिए ‘लफुआ’ जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सत्ता का आनंद ले रहे हैं, जबकि आम जनता परेशानियों का सामना कर रही है।
तेज प्रताप के इस बयान ने मामले को मनोरंजन से निकालकर सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया है। पवन सिंह वर्तमान में बीजेपी से जुड़े विधान परिषद सदस्य हैं, जबकि तेज प्रताप यादव बिहार की राजनीति में सक्रिय नेता हैं। ऐसे में दोनों के बीच सार्वजनिक मंच से जुड़ा यह विवाद राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक ही मंच पर थे पवन सिंह और तेज प्रताप
इस पूरे विवाद की खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम के दौरान तेज प्रताप ने पवन सिंह को लेकर बयान दिया, उसी आयोजन में पवन सिंह भी मौजूद थे। ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में भोजपुरी इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे दिखाई दिए। पवन सिंह के अलावा दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और अन्य कलाकार भी इस शो से जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी भी चर्चा में रही। इसी दौरान पवन सिंह ने लालू यादव को ‘चाचा’ कहकर संबोधित किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा।
भोजपुरी इंडस्ट्री में पहले से चल रही है बयानबाजी
‘भोजपुरी बवाल’ पिछले कुछ समय से सिर्फ मनोरंजन के कारण नहीं बल्कि कलाकारों के बीच होने वाली बयानबाजी और व्यक्तिगत खुलासों को लेकर भी सुर्खियों में है। शो से जुड़े कई कलाकारों के पुराने विवाद और रिश्तों को लेकर चर्चाएं सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही हैं।
इसी कड़ी में काजल राघवानी से जुड़े बयानों के बाद आम्रपाली दुबे की प्रतिक्रिया और अंजना सिंह की टिप्पणी भी चर्चा में रही। इससे साफ है कि इस रियलिटी शो ने भोजपुरी इंडस्ट्री के अंदर चलने वाली पुरानी चर्चाओं को एक बार फिर सार्वजनिक बहस का हिस्सा बना दिया है।
अब सबकी नजर पवन सिंह के जवाब पर
तेज प्रताप यादव के आरोप सामने आने के बाद अब लोगों की नजर पवन सिंह की प्रतिक्रिया पर है। क्या पवन सिंह इन आरोपों का जवाब देंगे? क्या वह इसे राजनीतिक बयान बताएंगे या फिर कोई कानूनी कदम उठाएंगे? फिलहाल इन सवालों का जवाब सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पवन सिंह के समर्थक जहां तेज प्रताप के बयान पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे ‘भोजपुरी बवाल’ की बढ़ती लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल इतना जरूर है कि ‘भोजपुरी बवाल’ का मंच एक बार फिर भोजपुरी सिनेमा और बिहार की राजनीति के बीच चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है। तेज प्रताप यादव के पवन सिंह पर लगाए गए आरोप ने विवाद को और हवा दे दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में पवन सिंह इस पूरे मामले पर क्या सफाई देते हैं और क्या यह विवाद यहीं थमता है या फिर भोजपुरी इंडस्ट्री में बयानबाजी का एक नया दौर शुरू होता है।
अस्वीकरण: इस खबर में पवन सिंह के संबंध में शराब सेवन से जुड़े दावे तेज प्रताप यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।





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