अशोक धाम में आस्था के बीच हादसा! भगदड़ ने ली श्रद्धालुओं की जान, प्रशासन अलर्ट



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सावन सोमवार पर लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा, भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

लखीसराय, बिहार। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

सुबह से ही मंदिर में उमड़ी थी भारी भीड़

सावन सोमवार होने के कारण सुबह से ही अशोक धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इंतजाम किए गए थे और अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के लिए टीमें तड़के ही मौके पर मौजूद थीं।

बताया गया कि इसी दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ मंदिर परिसर की ओर पहुंचने से दबाव बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही समय में स्थिति तेजी से बिगड़ गई और लोगों में भगदड़ मच गई।

बिजली के तार और अफवाह से मची अफरा-तफरी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के दौरान बिजली के पोल या तार से जुड़ी घटना के बाद लोगों के बीच करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इससे श्रद्धालुओं में डर पैदा हुआ और लोग सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग भी प्रभावित हुई, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

सात श्रद्धालुओं की मौत, कई अस्पताल में भर्ती

हादसे के बाद मंदिर परिसर में मौजूद प्रशासन और पुलिस की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में सात लोगों की मौत और 12 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या में अंतर बताया गया है, इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े का इंतजार किया जा रहा है।

हादसे में जान गंवाने वालों में महिलाओं के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।

दो ट्रेनों के पहुंचने से बढ़ी भीड़

लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था पहले से की गई थी। बताया गया कि आसपास दो ट्रेनों के रुकने के कारण अचानक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर पहुंच गए। पहले से मौजूद भीड़ के साथ अतिरिक्त श्रद्धालुओं के आने से दबाव काफी बढ़ गया।

प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि भगदड़ की स्थिति किस तरह बनी और इसमें किन परिस्थितियों की भूमिका रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

अशोक धाम मंदिर हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा किए जाने की जानकारी सामने आई है।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

अशोक धाम मंदिर की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, निकासी मार्ग और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सावन और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान देशभर के मंदिरों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन के सामने सुरक्षित दर्शन व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार, स्थिति को नियंत्रित रखना और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करना है। घटना की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में किन परिस्थितियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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