ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या, ₹8 करोड़ की संपत्ति विवाद का शक; ड्राइवर समेत 2 हिरासत में
सुशांत गोल्फ सिटी से लापता हुआ 40 वर्षीय ट्रांसपोर्टर, दो गोली लगने से मौत; फॉर्च्यूनर में हत्या का शक, दुबग्गा की नहर के पास मिला शव
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ट्रांसपोर्टर की हत्या ने सनसनी फैला दी है। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से लापता हुए करीब 40 वर्षीय ट्रांसपोर्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव रविवार को दुबग्गा इलाके में नहर के पास बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक मृतक के सिर और सीने में गोली लगने के निशान मिले हैं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के ड्राइवर और एक अन्य सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस को शुरुआती जांच में उन्नाव में करीब ₹8 करोड़ की संपत्ति से जुड़े विवाद का एंगल सामने आया है। हालांकि जांच एजेंसियां इसे अभी संभावित वजह मानकर चल रही हैं और हत्या के दूसरे पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
सुशांत गोल्फ सिटी से अचानक गायब हुआ था ट्रांसपोर्टर
पुलिस के अनुसार धीरेंद्र प्रताप सिंह सुशांत गोल्फ सिटी से लापता हुए थे। उनके अचानक गायब होने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई।
मृतक की पत्नी ममता सिंह ने पुलिस से संपर्क कर उनके अपहरण की आशंका जताई थी। शिकायत में ड्राइवर रवि पंडित और उसके कुछ साथियों पर शक जाहिर किया गया था।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और लापता ट्रांसपोर्टर की तलाश के लिए छह टीमों का गठन किया गया।
नहर के पास मिला शव, सिर और सीने में गोली के निशान
रविवार को जांच के दौरान धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव दुबग्गा इलाके की नहर के पास बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक उनके सिर और सीने में गोली लगने के निशान थे। इससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि वारदात फॉर्च्यूनर SUV के अंदर की गई और इसके बाद शव को नहर के पास ठिकाने लगाया गया।
पुलिस ने उस फॉर्च्यूनर को भी बरामद कर लिया है, जिसे वारदात में इस्तेमाल किए जाने का शक है।
ड्राइवर पर क्यों गहराया शक?
मामले में सबसे बड़ा सवाल मृतक के ड्राइवर की भूमिका को लेकर है।
परिवार की शिकायत में भी ड्राइवर पर संदेह जताया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच के दौरान ड्राइवर रवि पंडित और उसके एक सहयोगी को हिरासत में लिया।
पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धीरेंद्र सिंह के लापता होने के बाद उनके साथ क्या हुआ और हत्या की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या हत्या पहले से योजनाबद्ध थी या फिर किसी विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
₹8 करोड़ की संपत्ति विवाद ने बढ़ाई जांच की दिशा
जांच में सबसे महत्वपूर्ण एंगल उन्नाव में करीब ₹8 करोड़ की संपत्ति से जुड़े विवाद का सामने आया है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे। ऐसे में पुलिस उनके जमीन और संपत्ति से जुड़े पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है।
जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि संपत्ति को लेकर किन लोगों से विवाद चल रहा था और क्या हाल के दिनों में किसी व्यक्ति से उनका कोई गंभीर विवाद हुआ था।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि संपत्ति विवाद को अभी हत्या की अंतिम वजह नहीं माना जा सकता। दूसरे संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
CCTV और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब तकनीकी जांच पर भी जोर दे रही है।
सुशांत गोल्फ सिटी से लेकर दुबग्गा और नहर के आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इसके साथ ही पुलिस मृतक के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लापता होने से पहले धीरेंद्र सिंह किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी आखिरी लोकेशन कहां थी।
हत्या के पीछे और कौन? पुलिस तलाश रही कड़ियां
ड्राइवर और उसके सहयोगी से पूछताछ के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस वारदात में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।
जांच एजेंसियां संभावित साजिशकर्ताओं की पहचान करने और यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या का मकसद क्या था।
पुलिस यह भी जांच रही है कि हिरासत में लिए गए लोगों के किसी ऐसे व्यक्ति से संबंध तो नहीं हैं, जिसका मृतक के साथ पहले से विवाद चल रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की प्रकृति, मौत के समय और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सकीय तथ्यों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ को जोड़कर हत्या की पूरी कहानी सामने आ सकेगी।
राजधानी में वारदात से बढ़ी चिंता
लखनऊ में लगातार सामने आ रही गंभीर आपराधिक घटनाओं के बीच ट्रांसपोर्टर की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
खासकर सुशांत गोल्फ सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके से किसी व्यक्ति के लापता होने और बाद में उसकी हत्या का मामला सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और वारदात में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
PC NEWS का निष्कर्ष
लखनऊ में 40 वर्षीय ट्रांसपोर्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की जांच कई सवालों के बीच आगे बढ़ रही है। सुशांत गोल्फ सिटी से लापता होने के बाद उनका शव दुबग्गा की नहर के पास मिला। सिर और सीने में गोली के निशान मिले हैं और पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने के शक वाली फॉर्च्यूनर भी बरामद कर ली है।
ड्राइवर और उसके एक सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं ₹8 करोड़ की संपत्ति से जुड़ा विवाद जांच का अहम एंगल बनकर सामने आया है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—क्या संपत्ति विवाद ही इस खौफनाक हत्या की असली वजह है, या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है?
CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही इस हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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