“यूपी चुनाव 2027 की तैयारी शुरू! 33 जिलों के DM की बैठक, EVM-VVPAT पर चुनाव आयोग का बड़ा फोकस”
यूपी विधानसभा चुनाव 2027: निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कीं, 33 जिलों के अधिकारियों को EVM-VVPAT पर विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को समय रहते मजबूत करने के लिए EVM और VVPAT से जुड़ी तैयारियों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है।
इसी क्रम में लखनऊ में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और First Level Checking (FLC) से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान EVM और VVPAT की प्रथम स्तर की जांच यानी FLC को पारदर्शी, सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने पर जोर दिया गया।
EVM-VVPAT की जांच पर आयोग का खास जोर
निर्वाचन आयोग की तैयारियों में सबसे अहम पहलुओं में EVM और VVPAT की First Level Checking शामिल है। आयोग के मुताबिक FLC के दौरान मशीनों की तकनीकी स्थिति और कार्यक्षमता की जांच की जाती है।
भारत निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार चुनाव से पहले EVM-VVPAT की FLC प्रक्रिया में मशीनों की जांच और कार्यक्षमता परीक्षण किया जाता है तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की जाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि FLC के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। उनका जोर प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर है।
33 जिलों के अधिकारी हुए शामिल
लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के सात मंडलों से जुड़े 33 जिलों के अधिकारी शामिल हुए। इनमें जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी और FLC सुपरवाइजर भी शामिल रहे।
इन अधिकारियों को EVM-VVPAT की जांच से संबंधित तकनीकी प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और आयोग के दिशा-निर्देशों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में भी अधिकारियों के लिए इसी तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
राजनीतिक दलों को भी रखा जाएगा प्रक्रिया में
EVM और VVPAT की जांच को लेकर राजनीतिक दलों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण रखा गया है। आयोग की ओर से कहा गया है कि FLC की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी और उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
इसका उद्देश्य चुनाव से पहले मशीनों की जांच की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सभी संबंधित पक्षों को प्रक्रिया से अवगत रखना है।
क्या चुनाव की तारीखें घोषित हो गई हैं?
नहीं। EVM-VVPAT की जांच और अधिकारियों का प्रशिक्षण चुनाव आयोग की तैयारियों का हिस्सा है। इसे विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
यानी फिलहाल आयोग चुनावी मशीनरी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अलग प्रक्रिया के तहत होगी।
सिर्फ EVM ही नहीं, चुनावी मशीनरी की भी तैयारी
2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव देश के सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों में से एक होगा। ऐसे में चुनाव आयोग के सामने बड़ी जिम्मेदारी मतदाता सूची, मतदान केंद्रों, कर्मचारियों की तैनाती, EVM-VVPAT व्यवस्था, सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने की होगी।
EVM-VVPAT की शुरुआती जांच का काम समय से शुरू होना इस व्यापक चुनावी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राजनीतिक मैदान भी होने लगा गर्म
एक तरफ निर्वाचन आयोग प्रशासनिक तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दल भी 2027 के चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में सक्रिय हो रहे हैं।
सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से सरकार के पिछले वर्षों के काम, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को चुनावी रणनीति में प्रमुखता देने की बात सामने आई है।
वहीं विपक्षी दल भी अपने-अपने राजनीतिक समीकरण और मुद्दों को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
जनता के लिए इसका क्या मतलब?
आम मतदाता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव आयोग अभी से चुनावी व्यवस्था को व्यवस्थित करने में जुट गया है। EVM-VVPAT की जांच, अधिकारियों का प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारियां यह सुनिश्चित करने की कोशिश का हिस्सा हैं कि चुनाव के समय किसी तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या की गुंजाइश कम से कम रहे।
हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख, मतदान चरण और अन्य कार्यक्रमों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
PC NEWS का सवाल
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों की परीक्षा नहीं होते, बल्कि चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी बड़ी परीक्षा होते हैं। ऐसे में EVM-VVPAT की जांच में पारदर्शिता, राजनीतिक दलों की सहभागिता और नियमों का समान रूप से पालन बेहद महत्वपूर्ण होगा।
मतदाता का भरोसा लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है—और चुनावी प्रक्रिया की हर तैयारी का अंतिम उद्देश्य इसी भरोसे को मजबूत करना होना चाहिए।
PC NEWS — सत्ता से सवाल, जनता के साथ।





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